Christmas 2021 : क्रिसमस क्या है? यह क्यों मनाया जाता है?

क्रिसमस ईसाइयो का एक त्यौहार है जो कि हर वर्ष 25 दिसंबर को मनाया जाता है। यह त्यौहार को ईसाई लोग इतना क्यों मनाते है इसका क्या महत्व है?

क्रिसमस क्या है? | Christmas in Hindi 2021 

क्रिसमस त्योहार ईसाइयों का एक प्रमुख त्योहार है जो प्रतिवर्ष 25 दिसंबर को ईसा मसीह के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस त्यौहार का धार्मिक तथा सांस्कृतिक महत्त्व ईसाई समुदाय तथा अन्य धर्मों में भी है। क्रिसमस एक अंग्रेजी नाम है जिसका मूल अर्थ ईसा मसीह के दिन लोगों के इकट्ठे होने से हैं।

दुनिया के विभिन्न देशों में क्रिसमस को लेकर अलग-अलग नाम प्रचलन में है जैसे जर्मनी में इसे यूलेटाइड तथा स्पेन में नेविडेड(navidad) इटली में नताली (natale) तथा फ्रांस में नोएल (noel) कहाँ जाता है।

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बीसवीं सदी से क्रिसमस त्यौहार का उत्सव धीरे-धीरे पारिवारिक तथा धर्मनिरपेक्ष हो गया है। क्रिसमस त्योहार के दिन अन्य समुदाय के लोग भी चर्च में इकट्ठे होकर इसे मनाने में भूमिका अदा करते हैं।

शुरुआती दो दशकों में ईसाई समुदाय में ईसा मसीह के जन्म दिवस को मनाने को लेकर काफी विरोध होता था उस समय यह मानना था कि ईसा मसीह को उनके सूली पर चढ़ाने के दिन पर ही सही मायने में जन्म दिवस के रूप में मनाना चाहिए ना कि उस दिन जिस दिन उनका जन्म हुआ था।

क्रिसमस का त्यौहार 25 दिसंबर को क्यों मनाया जाता है?

हम सभी जानते हैं कि क्रिसमस 25 दिसंबर ईसा मसीह के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है l जिन्हें ईसाई समुदाय के लोग ईश्वर के पुत्र के रूप में मानते हैं। ईसा मसीह के जन्म के बारे में सही मायने में किसी को कोई जानकारी नहीं है। जिस कारण प्रथम तीन सदियों में ईसा मसीह का जन्म दिवस नहीं मनाया जाता था।

ईसा मसीह का जन्म

पहली बार ईसा मसीह का जन्म दिवस 25 दिसंबर के दिन सन 336 में रोमन राजा constintne के शासनकाल में मनाया गया था। ईसाइयों के पवित्र ग्रंथ बाइबिल में भी ईसा मसीह के जन्म के संबंध में कोई निश्चित तारीख नहीं बताई गई है। यह सब पढ़कर आप सोच सकते होंगे कि फिर 25 दिसंबर को ईसा मसीह का जन्म दिवस क्यों मनाया जाता है?

क्रिसमस के त्योहार को 25 दिसंबर को मनाने के संबंध में अन्य प्रकार की मान्यताएं हैं। प्रसिद्ध ईसाई परंपरा के अनुसार 25 मार्च के दिन ईसा मसीह की मां मैरी को बताया गया था उस तिथि से 9 माह बाद यानी कि 25 दिसंबर को वो एक विशेष बच्चे को जन्म देंगी। इसलिए 25 दिसंबर के दिन को क्रिसमस के रूप में मान्यता दी गई। हालांकि चर्च के अधिकारियों द्वारा 25 दिसंबर को क्रिसमस के रूप में मनाने का कारण यह था कि वो पहले से चले आ रहे रोमन पैगन फेस्टिवल जिसमें सैटर्न तथा मित्रा की पूजा की जाती है को ईसा मसीह के जन्म दिवस के साथ एक साथ मनाना चाहते थे।

सैटर्न एक रोमन कृषि के देवता थे तथा मित्रा पर्शियन प्रकाश के देवता थे। ऐसा करने से उस समय के रोमन साम्राज्य को ईसाई धर्म को आधिकारिक दर्जा देने में कोई दिक्कत नहीं हुई थी।

भारत तथा विश्व में क्रिसमस को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है जिसमें लोग एक दूसरे से मिलजुल कर तथा उपहारों का आदान-प्रदान कर प्रसन्नता महसूस करते हैं।

क्या है क्रिसमस का उत्सव

क्रिसमस त्योहार का उत्सव मूल रूप से अब काफी परिवर्तित हो गया है वर्तमान में क्रिसमस त्योहार के दौरान मुख्य रूप से सैंटा क्लॉस पर ही मुख्य ध्यान केंद्रित होता है। क्रिसमस त्योहार के दौरान उपहारों का आदान-प्रदान तथा घरों को रोशनीयों के माध्यम से सजाया जाता है तथा परिवार के लोगों के बीच एक भोज का आयोजन भी किया जाता है इस दिन लोगों के द्वारा ईसा मसीह को याद करते हुए गीतों का गायन भी किया जाता है।

वर्तमान समय में क्रिसमस का उत्सव मूल रूप से सैंटा क्लॉस नाम के पौराणिक किरदार पर आधारित हो गया है। सैंटा क्लॉस मुख्य रूप से चौथी सदी के संत सेंट निकोलस पर आधारित है। यह माना जाता है कि सैंटा क्लॉस उत्तरी ध्रुव पर अपने सहयोगियों के साथ निवास करता है तथा प्रत्येक वर्ष क्रिसमस के दौरान बच्चों के लिए उपहार लाता है जिन्हे क्रिसमस की पूर्व संध्या पर उनके घरों में क्रिसमस ट्री के पास रख दिया जाता है।

क्या है क्रिसमस का महत्व

मूल रूप से क्रिसमस को ईसा मसीह के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है परंतु वास्तव में यह आध्यात्मिक जीवन में सच्चाई का प्रतीक है। जब ईसा मसीह का जन्म हुआ था तब संपूर्ण विश्व में दुश्मनी लालच मूर्खता तथा झूठ हावी था। ईसा मसीह के जन्म में लोगों के जीवन को पूर्ण रूप से बदल दिया था उन्होंने लोगों को आध्यात्मिकता सच्चाई तथा श्रद्धा के रास्ते पर मोड़ा, उन्होंने लोगों को समझाया की सच्चाई किस प्रकार से उनके जीवन को बेहतर बना सकती है।

क्रिसमस का त्यौहार यह प्रदर्शित करता है कि ज्ञान तथा प्रकाश दुनिया के कोनों मे फैले अंधेरे को दूर कर सकते हैं। ईसा मसीह ने लोगों को समझाया कि वह अपने अंदर की आध्यात्मिकता को स्वयं पा सकते हैं। उन्होंने लोगों को सिखाया कि वे शांत एवं सादा जीवन जीकर ही सांसारिक सुख की इच्छा को छोड़ सकते हैं।

क्रिसमस त्योहार के संबंध में महत्वपूर्ण तथ्य

  • एक्स मस शब्द ग्रीक भाषा के क्राइस्ट शब्द से आया है जो अंग्रेजी के एक्स अक्षर से शुरू होता है।
  • शुरुआती समय में सैंटा क्लॉस केवल हरे नीले या पर्पल रंग के कपड़े पहनता था परंतु coca-cola कंपनी द्वारा अपने ब्रांड के लिए सैंटा क्लॉस को लाल कपड़ों में दिखाया गया यह आईडिया पूरे विश्व में प्रचलन मैं आ गया।
  •  क्रिसमस के त्योहार पर गाया जाने वाला प्रसिद्ध गीत जिंगल बेल्स 1857 में जेम्स लॉर्ड द्वारा लिखा गया था जो कि थैंक्सगिविंग के लिए गाया गया था।
  • डच देश में सैंटा क्लॉस को Sinterklaas के नाम से जाना जाता है।

क्रिसमस से जुड़े कुछ सवाल जवाब

क्रिसमस क्या है?

क्रिसमस एक अंग्रेजी नाम है जिसका मूल अर्थ ईसा मसीह के दिन लोगों के इकट्ठे होने से हैं। क्रिसमस त्योहार ईसाइयों का एक प्रमुख त्योहार है जो प्रतिवर्ष 25 दिसंबर को ईसा मसीह के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है।

एक्स मस क्या होता है?

एक्स मस शब्द ग्रीक भाषा के क्राइस्ट शब्द से आया है जो कि अंग्रेजी भाषा के एक्स(X) अक्षर से शुरू होता है।

क्रिसमस कब मनाया जाता है?

क्रिसमस 25 दिसम्बर को मनाया जाता है।

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