.

गंगा एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट क्या है? किन किन शहरों से होकर गुजरता है?

.

गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway)- प्रारंभ, लगत, गंगा एक्सप्रेसवे की लम्बाई, लक्ष्य, कहाँ से प्राम्भ होगी, कहाँ तक जाएगी, कहाँ तक जाएगी, कितने चरण, भूमि, जिला, गाँव

गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश सरकार की बड़ी योजना। मेरठ तथा प्रयागराज को जोड़ते हुए बनाया जाएगा 6 लेन एक्सप्रेसवे। उत्तर प्रदेश के 12 जिलों से होकर गुजरेगा एक्सप्रेसवे। एक्सप्रेस वे के दोनों ओर औद्योगिक क्षेत्र में विकसित करने की भी है योजना।

प्रोजेक्ट का नामगंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway)
लगत36000 करोड रुपए
प्रारंभ2 सितंबर 2021
गंगा एक्सप्रेसवे की लम्बाई602 किलोमीटर
कहाँ से प्राम्भ होगीमेरठ
कहाँ तक जाएगीप्रयागराज
चरण2 चरण
उपयोग होने वाली भूमि6556 हेक्टेयर
शामिल होने वाले जिला12 जिला
शामिल होने वाले गाँव 519
कब तक पूरा होगा2025 तक
Table of Contents

गंगा एक्सप्रेसवे क्या है (Ganga Expressway in Hindi)

गंगा एक्सप्रेस-वे एक सड़क प्रोजेक्ट है जिसकी लागत 36000 करोड रुपए रखी गई है तथा यह उत्तर प्रदेश में मेरठ से शुरू होकर प्रयागराज तक जाता है। Expressway उत्तर प्रदेश के 12 जिलों से होकर निकलेगा तथा इस Expressway को आपातकालीन हवाई पट्टी के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

.

ये भी पढ़े – वोटर आईडी को आधार कार्ड से कैसे लिंक करें?

गंगा एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट क्या है?

उत्तर प्रदेश के आंतरिक भागों के मध्य सड़क परिवहन की बेहतरी के लिए केंद्र सरकार तथा उत्तर प्रदेश सरकार ने मिलकर गंगा एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट तैयार किया है। इसके अंतर्गत गंगा नदी के आसपास के शहरों को जोड़ा जाना है। गंगा एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट के अंतर्गत 602 किलोमीटर लंबी सड़क बनाने की परियोजना है जो मेरठ से प्रयागराज को वाराणसी के माध्यम से जोड़ने के साथ मध्य में आने वाले जिलों का मुख्य शहरों से संपर्क स्थापित करेगी।

गंगा एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट को 2025 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है इसके तहत कोरोना महामारी के दौरान भी इस प्रोजेक्ट की गतिविधि को नहीं रोका गया। गंगा एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट के लिए अनुमानित लागत 36000 करोड रुपए रखी गई है तथा इसके अंतर्गत 6556 हेक्टेयर जमीन को भी अधिकृत किया जाएगा। गंगा एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट के अंतर्गत सड़कों को इस प्रकार से बनाया जाएगा कि उन्हें आपातकालीन हवाई पट्टी के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सके।

.

उत्तर प्रदेश राज्य कैबिनेट द्वारा 2 सितंबर 2021 को इसके लिए हरी झंडी दी गई सरकार के मुताबिक इस प्रोजेक्ट को निर्माण वित्तीय सहायता चालन तथा हस्तांतरण की प्रणाली के अंतर्गत पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर बनाया जाएगा। गंगा एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश के महत्वपूर्ण नगरों जैसे मेरठ हापुर अमरोहा बुलंदशहर संबल बूदौन तथा शाहजहांपुर जिलों को जुड़ेगा। यह एक्सप्रेसवे पूर्वी उत्तर प्रदेश पश्चिमी उत्तर प्रदेश तथा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के मध्य संपर्क स्थापित करने में अहम योगदान प्रदान करेगा।

गंगा एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट का रूट

गंगा एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट के 602 किलोमीटर सड़क परियोजना को  2 चरण में निर्माण करने की योजना है।

जिसमें प्रथम चरण में बिजौली ग्राम मेरठ को प्रयागराज के जुडापुर डांडू ग्राम को जोड़ा जाएगा। यह प्रोजेक्ट 12 जिलों के 519 ग्रामों से होकर गुजरेगा।

.

 दूसरे चरण के अंतर्गत इस एक्सप्रेसवे को गढ़मुक्तेश्वर के टिगरी ग्राम से उत्तराखंड की हरिद्वार सीमा तक बढ़ाना शामिल है।

Ganga Expressway route क्या है
प्रथम चरणद्वितीय चरण
मेरठप्रयागराज
अमरोहावाराणसी
बुलंदशहरबलिया
बूदौन
शाहजहांपुर
कन्नौज
उन्नाव
रायबरेली
प्रतापगढ़
प्रयागराज

गंगा एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट की मुख्य बातें

  • गंगा एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा बनाया गया प्रोजेक्ट है।
  • इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत जिले के 519 गांव तथा 12 जिलों को जोड़ते हुए 6 लेन सड़क का निर्माण किया जाना है।
  • इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत शाहजहांपुर के पास आपातकालीन हवाई पट्टी का निर्माण तथा औद्योगिक क्षेत्र तथा नागरिक सुविधाओं संबंधित क्षेत्रों का विकास 9 स्थानों पर किया जाना है।
  • भविष्य में इस एक्सप्रेस वे को 8 लेन बनाने की भी योजना है जिसमें वाहनों की अधिकतम सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटा हो सके।
  • इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत गंगा नदी के ऊपर 1 किलोमीटर लंबा पुल तथा रामगंगा नदी के ऊपर 720 मीटर लंबा पुल बनाना प्रस्तावित है।
  • गंगा एक्सप्रेसवे बजट के अंतर्गत 381 अंडर ब्रिज 14 बड़े पुल 126 छोटे पुल तथा 28 फ्लाईओवर बनाना प्रस्तावित किया गया है जिसमें रेलवे ओवरब्रिज की चौड़ाई 120 मीटर रखी गई है।
  • इस प्रोजेक्ट में मेरठ तथा प्रयागराज में दो मुख्य टोल प्लाजा तथा कुल रूट के अंतर्गत 15 रैंप टोल प्लाजा बनाए जाएंगे।
  • पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए 18 लाख 55 हजार पौधों का रोपण भी किया जाएगा। 
  • इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत अधिग्रहित की गई जमीन पर सोलर पावर की मदद से बिजली का उत्पादन भी किया जाएगा।

गंगा एक्सप्रेस वे की अनुमानित लागत कितनी है?

गंगा एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट  के विकास हेतु 36230 करोड रुपए की अनुमानित लागत मानी गई है इस इस पूरी राशि को चार भागों में बांटा जाएगा। इस प्रोजेक्ट के तहत 22125 करोड रुपए निर्माण लागत तथा 9255 करोड रुपए भूमि अधिग्रहण हेतु प्रस्तावित किए गए हैं।

गंगा एक्स्ट्रा से बजट की समय अवधि

दिनांककार्यक्रम
जनवरी 2019गंगा एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट को मंजूरी प्रदान की गई
सितंबर 2019एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत हेतु कमेटी बनाई गई
फरवरी 2020एक्सप्रेस वे हेतु ₹2000 की राशि को मंजूरी प्रदान की गई
मार्च 2021प्रथम चरण हेतु भूमि अधिग्रहण शुरू किया गया
दिसंबर 2021प्रधानमंत्री द्वारा गंगा एक्सप्रेस वे का शिलान्यास किया गया
जून 2025गंगा एक्सप्रेसवे का के प्रथम चरण का कार्य पूर्ण किया जाना है।

गंगा एक्सप्रेसवे हेतु भूमि अधिग्रहण

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बताया गया कि दिसंबर 2021 तक 94% आवश्यक जमीन का अधिग्रहण 82720 किसानों से किया जा चुका है। गंगा एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट के अंतर्गत प्रभावित होने वाले लोगों को मुआवजा तथा पुनर्वास हेतु भी योजना बनाई गई है। गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण से उसके आसपास के गांव में औद्योगिक विकास होने के साथ-साथ रोजगार में भी बढ़ोतरी  हो सकेगी।

गंगा एक्सप्रेस वे से जुड़े कुछ सवाल जवाब

गंगा एक्सप्रेसवे क्या है?

गंगा एक्सप्रेस-वे एक सड़क प्रोजेक्ट है जिसकी लागत 36000 करोड रुपए रखी गई है तथा यह उत्तर प्रदेश में मेरठ से शुरू होकर प्रयागराज तक जाता है। Expressway उत्तर प्रदेश के 12 जिलों से होकर निकलेगा तथा इस Expressway को आपातकालीन हवाई पट्टी के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

गंगा एक्सप्रेसवे की लंबाई कितनी है?

गंगा एक्सप्रेसवे की लंबाई 594 किलोमीटर है।

गंगा एक्सप्रेस वे कहां तक जाता है?

मेरठ से प्रयागराज।

गंगा एक्सप्रेसवे की शुरुआत कब हुई?

गंगा एक्सप्रेसवे की शुरुआत जनवरी 2019 को मंजूरी प्रदान की गई तथा प्रधानमंत्री द्वारा दिसंबर 2021 को शिलान्यास किया गया।

गंगा एक्सप्रेसवे का बजट कितना है?

गंगा एक्सप्रेसवे का बजट 36000 करोड रुपए रखा गया है।

गंगा एक्सप्रेसवे में कितने गांव को शामिल किया गया है?

गंगा एक्सप्रेसवे में 519 गांव को शामिल किया गया है।

गंगा एक्सप्रेस वे के निर्माण में कितनी लागत आएगी?

36000 करोड रुपए

गंगा एक्सप्रेसवे कितने जिलों से होकर गुजरती है?

गंगा एक्सप्रेसवे 12 जिलों से होकर गुजरती है।

.

Leave a Comment