प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना 2022 क्या है? योजना का लाभ, उद्देश्य तथा शामिल क्षेत्र

प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना 2022 – प्रधानमंत्री मोदी जी की बड़ी घोषणा अब स्वामित्व योजना के अंतर्गत ग्राम आबादी में लोगों को मिलेगा मालिकाना हक। अब गांव की जमीन पर भी मिल पाएगी ऋण सुविधा। मालिकाना हक हेतु संपत्ति कार्ड भी जारी किए जाएंगे।

प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना क्या है

प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना क्या है? | PM Swamitva Yojana 2022

प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित योजना है इसके अंतर्गत ड्रोन तकनीक का उपयोग कर ग्रामीण आबादी क्षेत्र में भूमि खंडों का सर्वे किया जाना है तथा भूमि के राजस्व/संपत्ति के रिकॉर्ड में सुधार करते हुए भूमि मालिकों को संपत्ति कार्ड जारी करना शामिल किया गया है।

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इसके तहत ग्रामीण आवासीय संपत्तियों के मुद्रीकरण की सुविधा भी प्राप्त हो सकेगी जिससे आम ग्रामीण जन अपनी संपत्ति पर ऋण सुविधा का लाभ भी ले पाएंगे। यह योजना ग्राम पंचायत को बेहतर नागरिक सुविधाओं के लिए प्रेरित करेगी।

प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना से क्या उद्देश्य है?

  • प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के अंतर्गत ग्राम के निवासियों को उनकी संपत्ति को वित्तीय परिसंपत्ति के रूप में सक्षम कर उन्हें विधि द्वारा प्रदान करना।
  • ग्रामीण क्षेत्र में निवेश के लिए सटीक भूमि दस्तावेजों का निर्माण करना।
  • ग्रामीण क्षेत्र में संपत्तियों को चयनित कर संपत्ति कर का निर्धारण करना जिससे ग्राम पंचायतों को वित्तीय सहायता प्राप्त हो सकेगी।
  • ग्रामीण क्षेत्र में स्थाई आकृतियों का सर्वे कर जीआईएस नक्शों का निर्माण करना जिससे विभिन्न विभागों द्वारा उपयोग में लाया जा सके।
  • जीआईएस मानचित्र की मदद से ग्रामीण भारत की विस्तृत परियोजना को तैयार करना।
  • ग्रामीण क्षेत्र में संपत्ति संबंधित विवादों को सीमा निर्धारण के माध्यम से कम करना।
  • ग्रामीण क्षेत्र में भूमि मालिकों को उनका कानूनी अधिकार प्रदान करना।
  • ग्राम स्तर पर प्रत्येक संपत्ति की जियो टैगिंग करना जिससे नक्शे पर उसकी स्थिति को स्पष्ट किया जा सके।
  • सर्वे के पश्चात संपत्ति मालिकों को संपत्ति कार्ड प्रदान करना।

प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के क्या लाभ है?

  • प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के अंतर्गत ग्राम की आबादी का सर्वे किया जाएगा जिससे ग्राम सीमा का अंकन करना आसान होगा।
  • इसके अंतर्गत भूमि की सत्यापन प्रक्रिया में तेजी आ पाएगी तथा भूमि भ्रष्टाचार भ्रष्टाचार को रोकने में सहायता मिलेगी।
  • इस योजना के अंतर्गत ड्रोन तकनीक का उपयोग किया जाना है जिससे मानो प्रति काफी हद तक कम हो जाएगी।
  • इस योजना में व्यक्ति की संपत्ति की मैपिंग करने से उसे अपनी संपत्तियों के लिए कार्ड प्रदान किए जाएंगे।
  • यह संपत्ति कार्ड उस जमीन पर व्यक्ति को जमीन का मालिकाना हक प्रदान करेगा।
  • संपत्ति कार्ड के मदद से व्यक्ति राष्ट्रीय बैंकों से ऋण सुविधा भी ले पाएगा
  • प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के अंतर्गत ग्राम संपत्तियों के कानूनी रिकॉर्ड को अपडेट करना भी आसान होगा।
  • इस योजना के अंतर्गत व्यक्तिगत ग्रामीण संपत्ति के सीमांकन के अलावा अन्य ग्राम पंचायत और सामुदायिक संपत्ति जैसे गांव की सड़कें तालाब नहर खुले स्थान स्कूल आंगनवाड़ी स्वास्थ्य केंद्र आदि का भी सर्वेक्षण किया जाएगा और जीआईएस मानचित्र बनाए जाएंगे।
  • इस योजना के तहत बनाए गए जीआईएस नसों की मदद से ग्राम पंचायत तथा शान राज्य सरकार के अन्य विभागों द्वारा किए गए विभिन्न कार्यों के लिए सटीक कार्य अनुमान तैयार करने में मदद मिलेगी।
  • प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना ग्राम पंचायत विकास के लिए भविष्य की परियोजना को तैयार करने में भी सहायक सिद्ध होगी।

प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के अंतर्गत शामिल क्षेत्र

प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के अंतर्गत भारत के समस्त 662000 गांव को शामिल किया जाना है। इस योजना के कार्यान्वयन  हेतु 4 साल की अवधि नियत की गई है। वर्तमान में प्रथम पायलट चरण के अंतर्गत 6 प्रमुख राज्य हरियाणा कर्नाटक मध्य प्रदेश महाराष्ट्र उत्तर प्रदेश तथा उत्तराखंड को शामिल किया गया है जिसमें 1 लाख गांव तक इस योजना का विस्तार होगा। इसके साथ ही 2 राज्यों पंजाब और राजस्थान के लिए सी ओ आर एस नेटवर्क स्थापित भी किया जाएगा।

प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के अंतर्गत सर्वेक्षण पद्धति

प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के अंतर्गत ग्रामीण आबादी के सर्वे के लिए ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा जोकि सटीक सटीक मानचित्र उच्च रिजर्वेशन के साथ प्रदान करता है। ड्रोन आधारित तकनीक के आधार पर 1 /500 तथा 1 / 1000 पैमाने पर बड़े पैमाने पर सर्वे कार्य किया जाएगा।

प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना में सर्वे के माध्यम सर्वे के माध्यम से गांव के प्रत्येक संपत्ति की जियो टैगिंग भी की जाएगी तथा उसका क्षेत्रफल लंबाई तथा चौड़ाई के आधार पर दर्ज किया जाएगा इसके साथ ही प्रत्येक संपत्ति को एक यूनिक आईडी भी प्रदान की जाएगी जो मानचित्र पर उसकी स्थिति को स्पष्ट करेगी।

सर्वे के दौरान ग्राम पंचायत के सदस्य राजस्व विभाग के अधिकारी संपत्ति के मालिक तथा सर्वे टीम उपस्थित रहेगी जो सर्वेक्षण के दौरान कार्य में सहयोग करेगी। सर्वेक्षण टीम द्वारा संस्थान के चारों ओर चूना लाइन डालकर चिन्हित किया जाएगा इसके बाद ड्रोन के माध्यम से उस स्थान की तस्वीर ली जाएगी। सर्वेक्षण के उपरांत ड्रोन द्वारा ली गई तस्वीरों को कंप्यूटर की सहायता से प्रोसेस कर पूर्ण मानचित्र बनाया जाएगा तथा उसमें चिन्ह अंकित संपत्तियों हेतु अलग से तालिका भी बनाई जाएगी।

प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के अंतर्गत संपत्ति कार्ड

प्रधानमंत्री श्रमिक योजना के अंतर्गत गांव की आबादी सर्वे के करने के पश्चात गांव की सभी संपत्तियों का सीमांकन तथा मैपिंग की जाएगी। मैपिंग में ग्राम की संपत्तियों को प्रमाणित करते हुए संपत्ति मालिकों को भूमि अधिकार कार्ड इसे संपत्ति कार्ड कहा जाएगा प्रदान किए जाएंगे यह उनके जमीन के कानूनी अधिकार होंगे। संपत्ति कार्ड के माध्यम से ग्रामीणों को अपनी संपत्ति पर वित्तीय सहायता भी राष्ट्रीयकृत बैंकों द्वारा प्राप्त हो सकेगी साथ ही जमीनों पर चले आ रहे विवादों से भी छुटकारा मिलेगा। जारी होने वाले इन संपत्ति कार्ड की डिजिटल प्रति भी गांव के निवासियों को प्राप्त होगी।

स्वामित्व योजना से जुड़े कुछ सवाल जवाब

पीएम स्वामित्व योजना क्या है?

पीएम स्वामित्व योजना के अंतर्गत ड्रोन तकनीक का उपयोग कर ग्रामीण आबादी क्षेत्र में भूमि खंडों का सर्वे किया जाना है तथा भूमि के राजस्व/संपत्ति के रिकॉर्ड में सुधार करते हुए भूमि मालिकों को संपत्ति कार्ड जारी करना शामिल किया गया है।

पीएम स्वामित्व योजना में कितने ग्रामीण को  किया जाना है?

पीएम स्वामित्व योजना में समस्त 662000 गांव को शामिल किया जाना है।

पीएम स्वामित्व योजना में सर्वे कैसे किया जायेगा?

पीएम स्वामित्व योजना में सर्वे ड्रोन से किया जायेगा।

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